चंदौली। मुजफ्फरपुर बीयर से अचानक तेज बहाव के साथ पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों में खड़ी गेहूं की फसल बुरी तरह जलमग्न हो गई है। खेतों में कई फुट तक पानी भर जाने से सैकड़ों बीघा फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। इस घटना के बाद प्रभावित किसानों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है और वे इसे सिंचाई विभाग की गंभीर लापरवाही बता रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक पानी का प्रवाह बढ़ा दिया गया, जिससे कटाई के नजदीक पहुंच चुकी गेहूं की फसल देखते ही देखते डूब गई। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सूचना मिल जाती तो वे फसल को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठा सकते थे, लेकिन जलस्तर बढ़ने की जानकारी न मिलने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया।
किसान बलवंत, धनेश, कमलेश, दिनेश और पंकज सहित कई किसानों ने बताया कि पूरे सीजन की मेहनत एक ही झटके में चौपट हो गई। उनका कहना है कि खेतों में लगातार पानी भरा रहने से फसल सड़ने लगी है, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों की आजीविका पूरी तरह इस फसल पर निर्भर थी, ऐसे में नुकसान ने उन्हें भारी चिंता में डाल दिया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जलस्तर नियंत्रित करने में लापरवाही बरती और बिना पूर्व चेतावनी के पानी छोड़ा गया, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार फोन और लिखित शिकायत के जरिए अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पानी का बहाव अभी भी जारी है, जिससे नुकसान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलस्तर नियंत्रित नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। क्षेत्र में इस घटना को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है और किसान जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।









