वाराणसी। देवों की नगरी काशी में सोमवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत भक्तिमय माहौल के साथ हुई। अलईपुरा स्थित मां शैलपुत्री मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। सिर पर चुनरी और हाथों में नारियल-फल लिए भक्त जयकारों के साथ कतार में खड़े होकर मां के दर्शन करते नजर आए।
मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन हुआ। भक्तों ने मां को पुष्प, मिठाई और चुनरी अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। वातावरण में भक्ति गीत और “जय माता दी” के उद्घोष से पूरा इलाका गूंज उठा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री शक्ति और साहस की प्रतीक मानी जाती हैं। भक्तों का विश्वास है कि मां की आराधना से जीवन में यश, कीर्ति और वैभव की प्राप्ति होती है तथा सभी कष्टों का निवारण होता है।
पहले दिन की पूजा के लिए प्रशासन और पुलिस द्वारा विशेष इंतज़ाम किए गए थे। दर्शन के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई, जिससे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नवरात्र के नौ दिनों तक काशी के विभिन्न मंदिरों और शक्तिपीठों में भक्ति व उत्सव का यह क्रम निरंतर चलता रहेगा









