चंदौली। चहनियां क्षेत्र के महमदपुर और जलालपुर गांवों के ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। हसनपुर से महमदपुर होते हुए सरौली तक जाने वाली संपर्क सड़क की दुर्दशा को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’, ‘विधायक–सांसद लापता’ जैसे बैनरों और नारेबाजी के बीच ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर
ग्रामीणों ने बताया कि बीते कई वर्षों से इस मार्ग की हालत बदतर है। गड्ढों और दलदल जैसी स्थिति में तब्दील सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। आए दिन राहगीर, बुजुर्ग और स्कूल जाने वाले बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बरसात के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं—कीचड़ और पानी भर जाने से एम्बुलेंस तक गांव तक नहीं पहुँच पाती।
जनप्रतिनिधियों प#र गंभीर आरोप
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने साफ कहा कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही वे कभी गाँव का हाल-चाल लेने नहीं आते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों से लगातार शिकायतें करने के बावजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
धरना तब तक जारी रहेगा
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं होता, तब तक धरना और प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा। उनका कहना है कि अब वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे।
धरने में शामिल लोग
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से योगेश यादव, अवनीश यादव, आदित्य यादव, विनय यादव, गोपाल यादव, संगम यादव, संजय यादव, विनय, सोनू यादव, अमित यादव, दुर्गेश यादव, डब्बू, रेखा, रामजस और राकेश यादव सहित कई महिलाएँ और बुजुर्ग भी शामिल हुए।
ग्रामीणों का संदेश
धरना स्थल पर उपस्थित ग्रामीणों ने दो टूक कहा—
“जब तक सड़क नहीं बनेगी, वोट भी नहीं देंगे। अब हमें बहकावे में लाने की कोशिश न की जाए।”
विशेष संवाददाता- गनपत राय













