चंदौली। जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने पेट्रोलियम तेल चोरी के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को की गई समन्वित छापेमारी में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मौके से 1000 लीटर से अधिक चोरी का डीजल और पेट्रोल बरामद किया गया। पुलिस ने इस दौरान तेल चोरी में प्रयुक्त उपकरणों के साथ दो टैंकर और दो चारपहिया वाहन भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध तेल कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक पीयूष मोर्डिया के निर्देश पर विशेष रणनीति तैयार की गई थी। उनके निर्देशन में गठित बहुस्तरीय पुलिस टीमों ने एक साथ चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे आरोपियों को संभलने का मौका नहीं मिल सका। इस दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पाद, पाइप, मोटर, पंपिंग मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए, जिनका उपयोग टैंकरों से तेल निकालने और उसे अवैध रूप से बेचने में किया जाता था।
अलीनगर क्षेत्र में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो स्थित हैं। इन डिपो से जुड़े टैंकरों से तेल चोरी की शिकायतें पिछले कई महीनों से मिल रही थीं। शिकायतों में आरोप था कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से टैंकरों को बीच रास्ते रोककर या डिपो से निकलने के बाद तेल निकाल लेते थे और उसे स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों पर बेचते थे। लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और विशेष टीम गठित कर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
छापेमारी अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर भैरव नाथ यादव ने किया। उनके नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और सर्विलांस इनपुट के आधार पर ठिकानों की पहचान की। जैसे ही पुलिस टीमों ने एक साथ दबिश दी, कई आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया गया। मौके से जब्त टैंकरों की जांच में छेड़छाड़ के स्पष्ट संकेत मिले हैं, जिससे पुष्टि होती है कि लंबे समय से व्यवस्थित तरीके से तेल की चोरी की जा रही थी।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर भी मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त मेहनत का परिणाम है। प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया है कि वे लंबे समय से टैंकर चालकों और अन्य सहयोगियों की मदद से तेल निकालकर अवैध रूप से बेच रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार इस रैकेट का संचालन काफी सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। आरोपियों के पास ऐसे उपकरण थे जिनकी मदद से बिना ज्यादा नुकसान पहुंचाए टैंकर से तेल निकाला जा सकता था। इसके बाद चोरी का तेल छोटे टैंकों में भरकर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किया जाता था। इस अवैध कारोबार से जुड़ी आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से तेल की चोरी को लेकर संदेह जताया जा रहा था, लेकिन ठोस साक्ष्य न मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। अब पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से न केवल अवैध तेल कारोबार पर रोक लगेगी, बल्कि डिपो से जुड़े परिवहन तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि बरामद वाहनों और उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी, जिससे पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली का विस्तृत खुलासा हो सके।













