वाराणसी। ऐतिहासिक दालमण्डी इलाके में सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत ध्वस्तीकरण अभियान लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को अभियान के दौरान 11वां मकान तोड़ दिया गया। यह तीन मंजिला इमारत थी, जिसके ग्राउंड फ्लोर पर गर्म कपड़ों की दो दुकानें संचालित हो रही थीं, जबकि पहले तल पर गोदाम बना हुआ था।
इलाके की संकरी गलियों के कारण बुलडोजर को सीधे अंदर ले जाना संभव नहीं हो सका, जिसके चलते मशीनों और हथौड़ों की मदद से इमारत को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई से पहले मुनादी कराकर दुकानों को खाली कराया गया और पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
मौके पर एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा, वीडीए जोनल अधिकारी रविंद्र प्रकाश, एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी सहित सिविल पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए ड्रोन कैमरे से पूरे अभियान की निगरानी की गई।
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के अधिकारियों के अनुसार संबंधित मकान को अवैध घोषित किया गया था और कई बार नोटिस तथा मुनादी के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। यह अभियान दालमण्डी सड़क चौड़ीकरण योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4 तक श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाना है।
योजना के तहत लगभग 650 से 800 मीटर लंबी सड़क को 17 से 17.5 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए कुल 184 से 187 भवनों के अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव है। परियोजना की अनुमानित लागत 215 से 224 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जनवरी 2026 से बुलडोजर एक्शन तेज किया गया है, इससे पहले हथौड़ों और मशीनों के जरिए कार्य किया जा रहा था। अब तक दर्जनों भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और 10 से अधिक इमारतें ध्वस्त की जा चुकी हैं।
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे विकास और यातायात व्यवस्था में सुधार की दिशा में जरूरी कदम मान रहे हैं, वहीं कई दुकानदार और निवासी अपनी रोजी-रोटी और विस्थापन को लेकर चिंता जता रहे हैं। अभियान को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से जोड़कर देखा जा रहा है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी योजना के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।













