चंदौली। जिले के मारूफपुर बाढ़ चौकी पर सोमवार को बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रभारी मंत्री संजीव गोंड़ द्वारा राहत सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम में प्रशासन के अधिकारी और स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद थे। लेकिन इस राहत वितरण के दौरान एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला — जहां बाढ़ पीड़ितों की मदद से ज्यादा फोटो खिंचवाने की होड़ मची रही।
राहत कार्यक्रम या फोटोशूट?
पीड़ितों को मदद देने के बजाय कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का ध्यान कैमरे की ओर ज्यादा था। वे पोज देकर फोटो खिंचवाते रहे, जैसे मानो यह कोई प्रचार कार्यक्रम हो। ऐसे में लोगों ने सवाल उठाया कि क्या राहत सामग्री बांटना सिर्फ सोशल मीडिया दिखावे का जरिया बन गया है?
लोगों में नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है —
“हम लोग तकलीफ में हैं, हमारे घर डूब गए, जानवर बह गए और इन नेताओं को अपने प्रचार की चिंता है। इन्हें हमारी नहीं, कैमरे की फिक्र है।”
वायरल हो रही तस्वीरें
सोशल मीडिया पर कुछ नेताओं की फोटो वायरल हो रही है, जिनमें वे बाढ़ पीड़ितों को मदद देते हुए जानबूझकर कैमरे की ओर देखकर पोज दे रहे हैं। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई और कहा कि यह मानवता नहीं, पाखंड है।
राजनीति नहीं, राहत चाहिए
जनता का कहना है कि नेता सिर्फ राहत कार्यक्रम में फोटो खिंचवाकर अपनी छवि चमकाना चाहते हैं। लेकिन उन्हें असली राहत चाहिए-
- सुरक्षित आश्रय
- साफ पीने का पानी
- बच्चों के लिए भोजन
- बीमारों के लिए दवा
जनता की मांग
बाढ़ पीड़ितों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि-
- दिखावा बंद हो
- जमीनी स्तर पर राहत मिले
- प्रचार के बजाय काम किया जाए
- पीड़ितों की समस्या को प्राथमिकता दी जाए
विशेष संवाददाता- गनपत राय













