वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र के महादेवपुरम कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। 26 वर्षीय काजल राय ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका द्वारा अपने मायके वालों को व्हाट्सएप पर भेजे गए भावुक सुसाइड नोट में ससुराल पक्ष पर उपेक्षा और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नोट में लिखा था, “मैं अपने पापा की प्रिंसेस हूं… मेरे मां-बाप ने मुझे बड़े लाड़-प्यार से पाला, लेकिन ससुराल में मुझे वह प्यार नहीं मिला जिसकी मैं हकदार थी।”
जानकारी के अनुसार, काजल की शादी 16 नवंबर 2024 को नितेश कुमार सिंह से हुई थी, जो Bank of India की मलदहिया शाखा में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। परिजनों का आरोप है कि विवाह में लगभग 80 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से नई कार और अतिरिक्त दहेज की मांग लगातार की जा रही थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद से काजल के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न शुरू हो गया, जिसमें मारपीट, अपमानजनक व्यवहार और अलग-थलग रखने जैसे आरोप शामिल हैं।
बताया गया कि 9 फरवरी 2026 को काजल ने शिवपुर, वाराणसी थाने में पति सहित ससुराल के छह सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोप है कि उन्हें घर की तीसरी मंजिल पर अकेला छोड़ दिया गया, जिससे उनका मानसिक तनाव बढ़ता गया। सुसाइड नोट में उन्होंने इन परिस्थितियों और अपने साथ हुए व्यवहार का विस्तार से उल्लेख किया है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब मायके पक्ष के लोग बार-बार फोन करने पर कोई जवाब न मिलने से चिंतित हो गए और ससुराल पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में फंदे से लटकता हुआ शव बरामद किया। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
मृतका के पिता नीरज राय की तहरीर पर पुलिस ने पति नितेश कुमार सिंह, सास कनकलता सिंह, जेठ विवेक कुमार सिंह, जेठ अभिषेक कुमार सिंह, जेठानी प्रिया सिंह, ननद नीतू सिंह, देवर अनूप सिंह, नरेंद्र प्रकाश सिंह, अमित सिंह और प्रमिला सिंह समेत कुल दस लोगों के खिलाफ दहेज हत्या, छेड़खानी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि कई आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुसाइड नोट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डाटा को भी फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित कर लिया गया है, ताकि प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जा सके। घटना के बाद स्थानीय क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं परिजन न्याय की मांग को लेकर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा जता रहे हैं।













