वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के सत्संग नगर कॉलोनी में स्थित प्राचीन पशुपतेश्वर महादेव मंदिर का परिसर इन दिनों नशेड़ियों और अराजक तत्वों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। मंदिर के महंत बाल योगी महाराज की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते मंदिर परिसर में देर रात शराबियों का जमावड़ा लगने लगा है, जिससे न सिर्फ धार्मिक माहौल प्रभावित हो रहा है बल्कि महंत की जान भी खतरे में है।
बताया जाता है कि कुछ समय पूर्व महंत बाल योगी महाराज पर जानलेवा हमला भी हो चुका है। उस घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया था और कुछ महीनों तक मंदिर परिसर में सुबह-शाम पुलिस ड्यूटी लगाई गई थी। इसके चलते नशेड़ियों और अराजक तत्वों की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा था। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि नए थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी के कार्यभार संभालने के बाद पुलिस की नियमित निगरानी बंद हो गई, जिसका फायदा उठाकर एक बार फिर शराबी और असामाजिक तत्व मंदिर परिसर में सक्रिय हो गए हैं।
महंत बाल योगी महाराज ने बताया कि देर रात नशे में धुत लोग मंदिर परिसर में घुस आते हैं, दरवाजा खटखटाते हैं, गाली-गलौज करते हैं और जान से मारने की धमकियां देते हैं। यह घटनाएं अब उनकी नित्य दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि रविवार देर रात करीब 10:30 बजे भी इसी तरह की घटना हुई, जब कुछ नशेड़ी मंदिर परिसर में हंगामा करने लगे। सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के सामने ही अराजक तत्व भागने में सफल हो गए।
स्थानीय श्रद्धालुओं और कॉलोनीवासियों में भी इस स्थिति को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की गतिविधियां आस्था को ठेस पहुंचा रही हैं। लोगों ने मांग की है कि मंदिर परिसर में फिर से नियमित पुलिस गश्त और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि महंत बाल योगी महाराज की जान-माल की रक्षा हो सके और श्रद्धालु बिना भय के पूजा-अर्चना कर सकें।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर क्यों गंभीर चेतावनियों और पूर्व घटनाओं के बावजूद पुलिस प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़ी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।









