वाराणसी। शहरवासियों को अब अपने प्लॉट, भूमि उपयोग और बिल्डिंग फुटप्रिंट से जुड़ी अहम जानकारियां ऑनलाइन मिल सकेंगी। इसके लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण ने डिजिटल प्लेटफार्म तैयार करने की पहल की है, जिसमें वाराणसी स्मार्ट सिटी परियोजना तकनीकी सहयोग दे रही है। इस व्यवस्था के लागू होने से भवन निर्माण से संबंधित स्वीकृति और अनुमोदन की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी होने की उम्मीद है।
नई प्रणाली के तहत नागरिक एक ही पोर्टल पर प्लॉट सर्च, भूमि उपयोग की स्थिति, बिल्डिंग फुटप्रिंट, मानचित्र स्वीकृति, बिल्डिंग परमिशन और टाउन प्लानिंग से जुड़ी सभी जानकारियां देख सकेंगे। इससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और निर्माण से जुड़े कार्यों में समय की बचत होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह पोर्टल शहर में नियोजित विकास को गति देने के साथ ही अवैध निर्माण पर भी नियंत्रण रखने में सहायक होगा।
प्राधिकरण की योजना है कि शहर और विस्तारित क्षेत्रों के सभी स्वीकृत मानचित्र, लैंडयूज कैटेगरी, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और आधारभूत संरचना से जुड़ी लेयर्स को जीआईएस आधारित डिजिटल मैप पर अपलोड किया जाए। इससे किसी भी भूखंड की वर्तमान स्थिति और उस पर अनुमत निर्माण मानकों की स्पष्ट जानकारी तुरंत मिल सकेगी। नागरिक और बिल्डर दोनों को परियोजना शुरू करने से पहले आवश्यक तकनीकी विवरण ऑनलाइन ही उपलब्ध हो जाएंगे।
बताया गया कि हाल ही में प्राधिकरण सभागार में विशेषज्ञों द्वारा इस डिजिटल सिस्टम की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें डेटा इंटीग्रेशन, ऑनलाइन मैपिंग और समयबद्ध मास्टर प्लान तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने माना कि तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को देखते हुए आधुनिक तकनीक आधारित प्लानिंग सिस्टम लागू करना जरूरी हो गया है।
इस पहल से विकास कार्यों में गति आएगी, अनुमोदन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को भवन निर्माण, नक्शा पास कराने तथा भूमि से जुड़े अन्य कार्यों में काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही योजनागत शहरी विकास को वैज्ञानिक आधार मिलने से भविष्य की परियोजनाओं की निगरानी और योजना निर्माण भी अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।









