नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर से शुरू हो रहे ‘जीएसटी बचत उत्सव’ का ऐलान करते हुए राष्ट्र को संबोधित किया। नवरात्रि के शुभ अवसर पर शाम 5 बजे किए गए संबोधन में पीएम ने जीएसटी 2.0 को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह योजना देश के हर परिवार के लिए राहत और खुशियों का संदेश लेकर आएगी।
पीएम मोदी ने घोषणा की कि बचत उत्सव के तहत 99% वस्तुओं पर जीएसटी दर घटकर 5% होगी। उन्होंने कहा, “खाने-पीने की वस्तुएं, घरेलू सामान और दैनिक जरूरतों पर टैक्स का बोझ कम होगा, जिससे हर परिवार की खुशियां बढ़ेंगी। उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प और बचत का लाभ मिलेगा।”
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ‘मेक इन इंडिया’ का प्रचार करते हुए लोगों से अपील की,
“गर्व से कहें—मैं स्वदेशी खरीदता हूँ। विदेशी सामान से मुक्ति पाएं और भारत में बने उत्पाद अपनाएं।”
उन्होंने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को देश की अर्थव्यवस्था का ‘गेम चेंजर’ बताया और केंद्र-राज्य सहयोग से स्थानीय उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
गरीबी उन्मूलन और विकास
पीएम ने 2014 से 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का उल्लेख किया और कहा कि जीएसटी सुधार विकास की गति को और तेज करेंगे। उन्होंने नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए देशवासियों से आत्मनिर्भरता का संकल्प लेने की अपील भी की।
अर्थव्यवस्था पर असर
जीएसटी काउंसिल के हालिया फैसलों के अनुसार घरेलू सामान, वाहन और दवाओं पर टैक्स कम किया जाएगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था में 1-2% की अतिरिक्त वृद्धि संभव है।
प्रधानमंत्री ने अमेरिकी टैरिफ नीतियों और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच स्वदेशी उत्पादों पर जोर देने को महत्वपूर्ण बताया, ताकि भारत की वैश्विक निर्भरता कम हो सके।
‘वन नेशन, वन टैक्स’ का सपना
पीएम मोदी ने 2014 की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ‘वन नेशन, वन टैक्स’ के सपने को साकार कर रहा है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि एकजुट होकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।
प्रधानमंत्री ने अंत में सभी नागरिकों से स्वदेशी अपनाने, जीएसटी बचत उत्सव में भाग लेने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।













