वाराणसी। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और गंगा घाटों पर बढ़ती अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए वाराणसी पुलिस ने बुधवार को बड़ा अभियान चलाया। अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना के नेतृत्व में गोदौलिया चौराहे से लेकर दशाश्वमेध, मणिकर्णिका, शीतला घाट और आसपास के सभी प्रमुख स्थलों तक व्यापक फुट पेट्रोलिंग की गई। यह अभियान सुबह ही शुरू कर दिया गया था, जिसमें एडीसीपी सरवणन टी, एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी और सभी संबंधित थानों के प्रभारी अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे।
पुलिस टीम ने भीड़भाड़ वाले गलियारों, मंदिर परिसर, घाटों की सीढ़ियों और आसपास के क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण करते हुए सुरक्षा उपायों का विस्तार से आकलन किया। घाटों पर मौजूद स्थानीय लोगों, नाविकों, साधु-संतों, पर्यटकों और वहां काम करने वाले कर्मियों से बातचीत करते हुए पुलिस ने सुरक्षा से संबंधित बिंदुओं को समझा और सतर्कता बरतने की सलाह दी। कई स्थानों पर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सत्यापित की और आईडी प्रूफ की गहन जांच-पड़ताल की।
घाटों के आसपास अवैध ठेले, अनधिकृत दुकानों और अवैध ढंग से बनाए गए शेडों की भी जांच की गई। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत कई जगहों पर लगे अस्थायी अतिक्रमणों को तुरंत हटवाया गया। कुछ लोगों को मौके पर ही चेतावनी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया कि दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपर पुलिस आयुक्त मीना ने कहा कि घाट क्षेत्र की पवित्रता और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाटों पर नियमित पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
अभियान के दौरान पुलिस ने यह भी जांचा कि घाटों पर लगे सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं या नहीं। कई स्थानों पर कैमरों के कवरेज, एंगल और ब्लाइंड स्पॉट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पर्यटन सीजन में आगंतुकों की संख्या बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करना आवश्यक है। इस कारण पेट्रोलिंग, निगरानी और अतिक्रमण पर कार्रवाई—तीनों मोर्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की और कहा कि नियमित फुट पेट्रोलिंग से घाटों पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियाँ स्वतः कम होती हैं। व्यापारियों ने पुलिस टीम को बताया कि अतिक्रमण के कारण पर्यटकों और स्थानीय श्रद्धालुओं की आवाजाही में दिक्कतें आती थीं, ऐसे में यह अभियान स्वागत योग्य है। पुलिस अधिकारियों ने सभी दुकानदारों और मार्ग के किनारे रहने वाले लोगों से भी आग्रह किया कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना ने कहा कि गंगा घाट न केवल आस्था का केंद्र हैं, बल्कि शहर की पहचान और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं। इसलिए यहां किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अराजकता या अवैध अतिक्रमण को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के संयुक्त पैदल निरीक्षण आगे भी समय-समय पर किए जाते रहेंगे ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रह जाए।
दिनभर चले इस अभियान के बाद पुलिस टीम ने घाट के विभिन्न मार्गों, गलियों और पड़ोसी इलाकों में भी भ्रमण किया। अधिकारियों ने दावा किया कि नियमित मॉनिटरिंग और सख्त रुख अपनाने से घाट क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध बनाया जा सकेगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने सभी थानों को निर्देशित किया है कि घाटों पर आने-जाने वाले मार्गों पर विशेष नजर रखी जाए और अतिक्रमण की किसी भी नई कोशिश को तुरंत रोका जाए।













