चन्दौली। गढ़ई नदी को लेकर शुरू हुई सियासत अब खुलकर सामने आ गई है। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव की पदयात्रा पर मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने तीखा हमला बोलते हुए इसे “जनभावनाओं से खेलने और भ्रम फैलाने की कोशिश” करार दिया है। विधायक ने कहा कि चन्दौली की जनता अब सच और दिखावे में फर्क करना अच्छी तरह समझती है।
रमेश जायसवाल ने कहा कि गढ़ई नदी की समस्या आज की नहीं है। वर्ष 2011-12 में भी इस क्षेत्र ने भीषण बाढ़ का दंश झेला था। उसके बाद प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार 2012 से 2017 तक सत्ता में रही, लेकिन उस दौरान न तो नदी की समुचित सफाई कराई गई और न ही बाढ़ से स्थायी राहत के लिए कोई ठोस योजना बनाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्ता और संसाधन दोनों थे, तब गढ़ई नदी को लेकर गंभीर प्रयास क्यों नहीं किए गए।
विधायक ने कहा कि मौजूदा सरकार इस समस्या को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। गढ़ई नदी की सफाई और सुधार के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि काम पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को हर साल आने वाली बाढ़ की परेशानी से काफी हद तक निजात मिलेगी।
पूर्व सांसद की पदयात्रा पर निशाना साधते हुए रमेश जायसवाल ने कहा कि आंदोलन करने से पहले उन्हें अपने कार्यकाल का हिसाब जनता को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में बाढ़ पीड़ितों को न तो पर्याप्त मुआवजा मिला और न ही नदी की स्थिति सुधारने की कोई गंभीर पहल हुई। आज जब समाधान की दिशा में ठोस कदम उठ रहे हैं, तब राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंत में विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गढ़ई नदी की समस्या पर राजनीति नहीं, समाधान की जरूरत है। सरकार अपने संकल्प पर कायम है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और सही समय पर सही जवाब देगी।









