चंदौली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सादगीपूर्ण व्यवहार एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। संसद परिसर में रविवार को आयोजित एनडीए सांसदों की कार्यशाला के दौरान प्रधानमंत्री ने यह दिखा दिया कि संगठन में सबसे बड़ा पद होने के बावजूद वे स्वयं को हमेशा एक कार्यकर्ता की तरह मानते हैं।
कार्यशाला का आयोजन
संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में यह विशेष कार्यशाला आयोजित हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सांसदों को महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण देना और जीएसटी 2.0 जैसे आगामी आर्थिक सुधारों पर चर्चा करना था। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले सांसदों को मतदान प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराना भी एजेंडे में शामिल था।
पीएम मोदी की अनोखी पहल
कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे की आरक्षित सीटों को छोड़कर साधारण सांसदों की तरह अंतिम पंक्ति में जाकर बैठना पसंद किया। वे वहां उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सांसद साधना सिंह और अन्य सांसदों के साथ दिखाई दिए। यह दृश्य देखते ही मौजूद सभी लोगों को उनका सहज और जमीन से जुड़ा व्यक्तित्व फिर से महसूस हुआ।
रवि किशन ने साझा की तस्वीर
गोरखपुर के भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेता रवि किशन ने इस क्षण की तस्वीर ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा—
“एनडीए सांसदों की कार्यशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पीछे की पंक्ति में बैठे। यही भाजपा की असली ताकत है, जहां संगठन में हर कोई पहले कार्यकर्ता और बाद में पदाधिकारी है।”
उनकी इस पोस्ट ने कुछ ही घंटों में हजारों लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो गई।
सांसद साधना सिंह के लिए गौरव का क्षण
चंदौली जिले से राज्यसभा की सांसद साधना सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। वे प्रधानमंत्री के साथ अंतिम पंक्ति में बैठी दिखाई दीं। उनके लिए यह क्षण अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि साधना सिंह का नाम इस तस्वीर में दिखना जिले के लिए भी सम्मान की बात है।
संदेश और प्रतीकात्मकता
प्रधानमंत्री का यह कदम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संगठनात्मक संस्कृति का स्पष्ट संदेश भी था। उन्होंने यह दर्शाया कि भाजपा में किसी भी स्तर का नेता हो, वह पहले कार्यकर्ता है और फिर पदाधिकारी। उनकी सादगी और बराबरी का यह अंदाज कार्यकर्ताओं को संगठन के साथ और गहरे जुड़ने की प्रेरणा देता है।
जीएसटी सुधारों पर धन्यवाद प्रस्ताव
कार्यशाला के दौरान सांसदों ने एकमत होकर प्रधानमंत्री मोदी को जीएसटी से जुड़े ऐतिहासिक सुधारों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उनका कहना था कि इन सुधारों ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है और आने वाले समय में जीएसटी 2.0 और अधिक पारदर्शी व सरल कर प्रणाली प्रदान करेगा।
राजनीतिक महत्व
विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रधानमंत्री का पिछली पंक्ति में बैठना एक बड़ा प्रतीकात्मक संदेश है। यह न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच समानता और भाईचारे की भावना को मज़बूत करता है, बल्कि यह भी बताता है कि संगठन का नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि सेवा और संस्कारों से होता है।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













