वाराणसी। खाड़ी देशों—यूएई और कतर—में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 22 लाख रुपये ठग लिए गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित को दिए गए वीज़ा दस्तावेज़ फर्जी निकले। शिकायत दर्ज होने के बाद वाराणसी पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित ने दर्ज कराई एफआईआर
गाजीपुर जिले के जमानिया थाना क्षेत्र के ताजपुर निवासी प्रियतोश तिवारी वर्तमान में पांडेपुर के बेलवा बाबा सोएपुर में रहते हैं। उन्होंने लालपुर पांडेपुर थाने में सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तिवारी ने बताया कि अमेठी, सीतापुर, महाराष्ट्र और प्रयागराज के अलग-अलग इलाकों से जुड़े सात लोगों ने मिलकर यह ठगी की।
आरोपियों के नाम
एफआईआर में जिनके नाम शामिल हैं, उनमें—
- मुंशीर अहमद (जम्मू रोड, जगदीशपुर, अमेठी)
- पंकज कपूर और देव कपूर (लहरपुर, बेहटी, सीतापुर)
- मतीन रज़क, इकरामुद्दीन और निज़ामुद्दीन (चिकनपाड़ा मिल रोड, महाराष्ट्र)
- मनोज केसरवानी (लाल गोपालगंज, प्रयागराज)
कैसे हुई ठगी?
पीड़ित के अनुसार, फरवरी 2022 में उसकी मुलाकात मुंशीर अहमद और मतीन से हुई। इन लोगों ने नौकरी का लालच दिया और किस्तों में पैसे मांगे। प्रियतोश ने लगभग 15 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और 7 लाख रुपये नकद दिए। आरोपियों ने वीज़ा और जॉब से संबंधित कागज़ात उपलब्ध कराए, जो बाद में जांच में पूरी तरह जाली निकले।
धमकियां भी दी गईं
जब प्रियतोश ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे लखनऊ बुलाया। वहां न केवल गाली–गलौज की गई बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि इन आरोपियों पर पहले से ही विभिन्न जिलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। यानी ठगी का यह गिरोह पहले भी सक्रिय रह चुका है।
पुलिस का बयान
इस मामले की पुष्टि करते हुए इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने कहा—“पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।”













