चंदौली| बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचार और दीपू दास की हत्या के विरोध में शुक्रवार को चंदौली जिले के डीडीयू नगर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। राष्ट्रीय हिन्दू फ्रंट से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जीटी रोड पर जोरदार जुलूस निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने डीडीयू नगर स्थित काली मंदिर के पास बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन किया। इस दौरान माहौल काफी गरम रहा और आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध स्वरूप कुछ प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश का झंडा जलाकर अपना आक्रोश जाहिर किया।
राष्ट्रीय हिन्दू फ्रंट के नेताओं का आरोप है कि बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और वहां अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। उनका कहना था कि दीपू दास की हत्या कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों पर हो रहे उत्पीड़न की एक और कड़ी है। नेताओं ने सवाल उठाया कि जो सरकार अपने देश में कमजोर वर्गों की सुरक्षा नहीं कर पा रही, वह विश्व मंच पर शांति और मानवाधिकारों की बात कैसे कर सकती है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमले की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा नहीं रुकी, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित बनाए रखा गया।
जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन प्रदर्शनकारियों के तेवर साफ संकेत दे रहे थे कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।













