जर्मनी। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जर्मनी के बर्लिन स्थित हर्टी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। “पॉलिटिक्स इज़ द आर्ट ऑफ़ लिसनिंग” विषय पर बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत को लेकर विजन सही नहीं है और भाजपा देश के संविधान व संस्थागत ढांचे को कमजोर करने की साजिश कर रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई केवल भाजपा नामक एक राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि भारत की संस्थाओं पर उसके नियंत्रण के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल केंद्र सरकार राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है। उनके अनुसार, भाजपा नेताओं के खिलाफ नाममात्र के मामले हैं, जबकि अधिकतर कार्रवाई विपक्षी नेताओं पर केंद्रित है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस समर्थक उद्योगपतियों और कारोबारियों को डराने-धमकाने का सामना करना पड़ता है। राज्य की संस्थाओं का उपयोग राजनीतिक शक्ति बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, जिससे सत्ताधारी दल और विपक्ष के संसाधनों के बीच भारी असंतुलन पैदा हो गया है। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया और कहा कि विपक्ष इसका पूरी ताकत से विरोध करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि देश में बहुत से लोग उन्हें समर्थन देते हैं, लेकिन कांग्रेस उनकी विचारधारा और भारत के बारे में उनके विजन से सहमत नहीं है। उनका मानना है कि यह विजन अंततः असफल होगा, इससे देश में तनाव बढ़ेगा और लोग आपस में लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह दो विचारधाराओं की लड़ाई है और कांग्रेस इससे पीछे हटने वाली नहीं है।
नोटबंदी को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि यह कदम देश के एमएसएमई सेक्टर पर सीधा हमला था। नोटबंदी ने छोटे और मझोले उद्योगों को व्यवस्थित तरीके से बर्बाद कर दिया और उनके कैश फ्लो को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए भी जगह होनी चाहिए और सरकार को उन्हें आर्थिक व तकनीकी सहयोग देना चाहिए, लेकिन मौजूदा नीतियों के कारण देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में गिरावट आई है।
राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के संस्थागत ढांचे पर पूरी तरह से हमला हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीते हैं, लेकिन कई अन्य राज्यों में चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग से बार-बार सवाल पूछे गए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिले। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा की वोटर लिस्ट में एक ब्राज़ीलियाई महिला का नाम 22 बार दर्ज था, फिर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
INDIA गठबंधन को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि भले ही कुछ राज्यों और स्थानीय चुनावों में सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते हों, लेकिन यह रणनीतिक प्रतिस्पर्धा है। मूल मुद्दे पर सभी दल एकजुट हैं और आरएसएस की विचारधारा का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वैकल्पिक भारत की तलाश का आंदोलन है।
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। राज्यों, भाषाओं और धर्मों के बीच संतुलन को खत्म किया जा रहा है, जबकि देश के लाखों लोग मानते हैं कि भारत को किसी एक व्यक्ति की इच्छा से नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस और विपक्ष लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए इस लड़ाई को जारी रखेंगे।













