सादात (गाजीपुर)। उत्तर प्रदेश शासन में सेवानिवृत्त जिला जज एवं पूर्व प्रमुख सचिव (न्याय) रहे जे.एस. यादव का 1 जनवरी 2026 की रात लगभग 10:30 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सादात क्षेत्र सहित जनपद भर में शोक की लहर फैल गई। न्यायिक सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को लोग याद करते नजर आए।
परिजनों ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र डॉ. पीयूष यादव ने दी। वर्तमान में उनका परिवार वाराणसी के पाण्डेयपुर क्षेत्र स्थित केशव बिहार कॉलोनी, नई बस्ती में निवास करता है।
जे.एस. यादव मूल रूप से सादात तहसील के ग्राम डहरमौवा कौड़ा के निवासी थे। वे अपने पीछे पत्नी कलावती देवी, दो पुत्र पीयूष यादव और विवेक यादव सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके दोनों पुत्र वाराणसी के लेढूपुर स्थित मेरिडियन हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
न्यायिक सेवा के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी जे.एस. यादव का योगदान उल्लेखनीय रहा। ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने अपने गांव में बाबा गजाधर दास इंटर कॉलेज की स्थापना कराई थी। इसके अलावा बाबा गजाधर दास बालिका महाविद्यालय, आतमपुर छपरा (सादात) के संचालन में भी उनकी अहम भूमिका रही, जिससे क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा का अवसर मिल सका।
सरल स्वभाव, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने जाने वाले जे.एस. यादव के निधन को समाज और न्यायिक जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके चचेरे भाई रामाश्रय यादव ने निधन की पुष्टि की। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की कामना की है।









