चंदौली (धानापुर): शनिवार को धानापुर क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र पर आयोजित एक विशेष समारोह में विद्युत विभाग के कर्मचारियों को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुरक्षा किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम विभागीय सतर्कता और कर्मचारियों की जान की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह रहे, जिन्होंने कर्मियों को अपने हाथों से सेफ्टी किट प्रदान की और उनके योगदान को सराहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह ने कहा,
“विद्युत कर्मी न सिर्फ तकनीकी कार्य करते हैं, बल्कि जोखिम उठाकर आम जनमानस की सेवा करते हैं। यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि उन्हें वह सभी संसाधन उपलब्ध कराएं, जिससे उनकी जान की हिफाजत सुनिश्चित हो सके। अब किसी भी कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरण के पोल पर चढ़ने की जरूरत नहीं होगी। थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान पहुँचा सकती है। इसलिए सभी कर्मी सतर्कता बरतें और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।”
इस अवसर पर सेफ्टी किट में हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, गलब्ज, अर्थिंग चैन, कैप, एलवी टेस्टर, नाइट वर्दी, टूल किट, सीढ़ी और सेंसर जैसे उपकरण शामिल किए गए। इन उपकरणों की मदद से विद्युतकर्मी अब न सिर्फ सुरक्षित रहेंगे, बल्कि कार्यक्षमता और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।
उपखंड अधिकारी सुधीर सिंह ने भी इस मौके पर उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा,
“विभाग की सबसे बड़ी पूंजी उसके कर्मचारी हैं। हम तकनीक और संसाधनों में जितना भी निवेश करें, यदि कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं तो सब व्यर्थ है। इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि सभी कर्मचारी कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग करें।”
उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग की अधिकांश ज़िम्मेदारियाँ संविदा आधारित कर्मचारियों द्वारा निभाई जाती हैं, जिन्हें एक निजी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया जाता है। धानापुर उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले आवाजापुर, कमालपुर, रमौली और धानापुर क्षेत्रों में कार्यरत कुल 10 संविदा कर्मियों को यह सुरक्षा किट सौंपी गई।
इस आयोजन में अवर अभियंता घनश्याम प्रसाद, दाल चंद, प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह, रोहित कुमार, सियाराम, राजकुमार, गोविंद मौर्य, शुभम सिंह, शैलेन्द्र सिंह, अखिलेश कुमार समेत कई अन्य कर्मचारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
इस पहल को न सिर्फ कर्मियों ने सराहा, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी इसे एक सराहनीय कदम बताया, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा।
यह आयोजन विद्युत विभाग द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।













