लखनऊ। बहुचर्चित शाइन सिटी घोटाले के मुख्य आरोपी और शाइन सिटी ग्रुप के प्रमोटर राशिद नसीम को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अनुरोध पर दुबई पुलिस द्वारा की गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की और बताया कि अब आरोपी को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
राशिद नसीम पर आरोप है कि उन्होंने अपनी रियल एस्टेट फर्म शाइन सिटी ग्रुप के जरिए निवेश के नाम पर हजारों लोगों से करीब 800 से 1000 करोड़ रुपये की ठगी की। निवेशकों को ऊंचे और आकर्षक रिटर्न का लालच देकर बड़ी राशि जुटाई गई, लेकिन बाद में कंपनी ने भुगतान से किनारा कर लिया। वर्ष 2019 में वह देश छोड़कर दुबई फरार हो गए थे, जिसके बाद से जांच एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में थीं।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने राशिद नसीम और उनकी कंपनियों के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न शहरों में कुल 554 एफआईआर दर्ज की हैं। लखनऊ की विशेष पीएमएलए अदालत ने अप्रैल 2025 में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद उनकी संपत्तियों पर भी शिकंजा कसना शुरू हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि वह नेपाल बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत से निकलकर दुबई पहुंचे थे और वहीं से नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामले की गहन जांच की। दिसंबर 2025 में अदालत ने राशिद नसीम की लगभग 127.98 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया, ताकि ठगी के शिकार निवेशकों को राहत मिल सके। इसके बाद जनवरी 2026 में ईडी ने संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों को उनके खिलाफ विस्तृत डोजियर सौंपा, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
यह घोटाला प्रदेश के सबसे बड़े निवेश घोटालों में से एक माना जाता है, जिसमें हजारों निवेशकों की जीवन भर की कमाई फंस गई थी। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ितों में न्याय की उम्मीद जगी है। सूत्रों के अनुसार अब ईडी और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम आरोपी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर तेजी से काम कर रही है, ताकि उसे भारत लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके।









