चंदौली। जनपद चंदौली के ग्राम नौबतपुर में शोक की लहर उस समय दौड़ गई, जब शिक्षा जगत के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व और परिवार के मजबूत स्तंभ श्री कपिलदेव सिंह का आज 30 दिसंबर 2025 को निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र ने एक अनुभवी, अनुशासित और समर्पित शिक्षक को खो दिया है। उनका अंतिम संस्कार काशी के हरिश्चंद्र घाट पर वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
स्वर्गीय श्री कपिलदेव सिंह ने अपने लंबे शिक्षण जीवन में सैयदराजा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में इंग्लिश विषय के प्रवक्ता के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने हजारों छात्रों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी शिक्षण शैली, अनुशासन और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण उन्हें अन्य शिक्षकों से अलग पहचान दिलाता था। छात्र ही नहीं, सहकर्मी और अभिभावक भी उनके व्यवहार और मार्गदर्शन से प्रभावित रहे।
हरिश्चंद्र घाट पर हुए अंतिम संस्कार में परिजनों के साथ-साथ शिक्षा जगत और समाज से जुड़े अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान चाचा सुनील सिंह, मुनमुन सिंह, पंकज सिंह, सुधीर सिंह, मनोज सिंह और प्यारे सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य भावुक नजर आए। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सदस्य हरेंद्र कुमार राय ने भी उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा पत्रकारिता जगत से जुड़े चंदौली के ब्यूरो चीफ अनुराग सिंह सहित कई लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे।
अंतिम संस्कार के दौरान घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि श्री कपिलदेव सिंह का जीवन सादगी, सेवा और शिक्षा को समर्पित रहा। उनका जाना न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
क्षेत्रवासियों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए संस्कार और शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। पूरे नौबतपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है और लोग दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।









