चंदौली। जनपद के पीडीडीयू नगर के मैनाताली इलाके में स्थित सेंट स्टीफेन स्कूल बिना किसी वैध मान्यता के वर्षों से संचालित हो रहा था। स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन एक अभिभावक की सतर्कता ने पूरे मामले की पोल खोल दी। अब शिक्षा विभाग ने स्कूल को सील कर दिया है और कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी है।
पेन नंबर मांगने पर खुला राज
नई बस्ती दामोदरदास पोखरा निवासी अजय कुमार विश्वकर्मा की बेटी स्वीटी सेंट स्टीफेन स्कूल में कक्षा दो की छात्रा है। अजय कुमार ने जब स्कूल प्रशासन से छात्रा का पेन (Permanent Education Number – PEN) नंबर मांगा तो उन्हें टालने की कोशिश की गई। बाद में स्पष्ट कर दिया गया कि विद्यालय को अब तक मान्यता प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए पेन नंबर जारी नहीं हो सकता।
इस पर अभिभावक को शक हुआ और उन्होंने शिक्षा विभाग से इसकी शिकायत कर दी। जांच में सामने आया कि स्कूल बिना वैध मान्यता के ही छात्रों का दाखिला ले रहा था और परीक्षा तक आयोजित कर रहा था।
विभागीय कार्रवाई के बाद स्कूल सील
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) राजेश कुमार चतुर्वेदी ने तत्काल जांच टीम भेजी। जांच में पुष्टि हुई कि स्कूल को न तो किसी स्तर की मान्यता प्राप्त है और न ही बुनियादी दस्तावेज पूरे हैं। इसके बाद स्कूल को तुरंत सील कर दिया गया और संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई कि अगर भविष्य में बिना मान्यता के स्कूल संचालित हुआ तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा था स्कूल
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल कई वर्षों से संचालित हो रहा था और इसमें सैकड़ों छात्र पढ़ रहे थे। प्रश्न उठता है कि आखिर इतने समय तक शिक्षा विभाग की नजरों से यह सब कैसे छिपा रहा? माना जा रहा है कि विभागीय स्तर पर कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते स्कूल को अनदेखा किया जाता रहा।
अभिभावकों में आक्रोश
स्कूल बंद होने की खबर फैलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कई अभिभावकों ने कहा कि बिना मान्यता के स्कूल चलाकर बच्चों के साथ धोखा किया गया है। वहीं शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतने समय तक इस तरह की लापरवाही कैसे हुई।
क्या है पेन नंबर?
PEN (Permanent Education Number) वह यूनिक नंबर होता है जो मान्यता प्राप्त विद्यालय में दाखिले के बाद छात्र को जारी किया जाता है। इसके माध्यम से छात्र की पढ़ाई और शैक्षिक रिकॉर्ड को राज्य और केंद्रीय स्तर पर ट्रैक किया जाता है। बिना मान्यता प्राप्त स्कूल PEN जारी नहीं कर सकते, इसलिए इस मामले का खुलासा हुआ।
निष्कर्ष: सेंट स्टीफेन स्कूल की मान्यता न होने के बावजूद संचालन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही और मिलीभगत की गंभीरता को उजागर कर दिया है। अभिभावकों और प्रशासन दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न हो।
संवाददाता- अभिषेक राहुल सिंह













