वाराणसी। नगर निगम ने राजस्व वसूली को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को निगम प्रशासन ने विशेश्वरगंज इलाके में किराया बकाया होने पर एक दुकान को सील कर दिया। संबंधित दुकान पर 81,687 रुपये का किराया लंबे समय से लंबित था, जिसे लेकर कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, विशेश्वरगंज (बाड़ा नंबर-1 व 2) में संजय कुमार और सुशील कुमार के नाम से आवंटित इस दुकान पर लगातार बकाया बढ़ता जा रहा था। चेतावनी और नोटिस के बावजूद रकम जमा न होने पर आखिरकार निगम ने सीलिंग की कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश दिया कि अब बकायेदारों के साथ किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
राजस्व वसूली को लेकर अभियान तेज करते हुए सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि शहर में नगर निगम की करीब 1800 दुकानें हैं, जिनसे नियमित किराया जमा कराने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कुछ दुकानदार लगातार भुगतान में लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे मामलों में अब सीधे कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गृहकर और जलकर की वसूली के साथ अब दुकानों के किराए पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। हाल के दिनों में मलदहिया, विशेश्वरगंज, दलहट्टा और नया चौक क्षेत्रों में अभियान चलाकर करीब दस दुकानों को सील किया जा चुका है, जिससे अन्य बकायेदारों में भी हलचल मची हुई है।
नगर निगम का दावा है कि इस सख्त अभियान का असर अब दिखने लगा है। पिछले तीन वर्षों में राजस्व वसूली में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है और निगम की आय में कई गुना इजाफा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे बकायेदारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि समय पर भुगतान की संस्कृति मजबूत हो और नगर निगम के राजस्व को नुकसान न पहुंचे।









