चंदौली। मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत शुक्रवार को महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “Run For Empowerment” मैराथन का आयोजन जनपद चंदौली में बड़े स्तर पर किया गया। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला आरक्षियों, विद्यालयों की छात्राओं, प्रशिक्षकों और ग्रामीण अंचलों की बालिकाओं सहित करीब 200 प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मैराथन की शुरुआत चकिया तिराहा (गंजी प्रसाद तिराहा) से हुई, जहां क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर कृष्ण मुरारी शर्मा एवं क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। उत्साह से भरी छात्राओं ने “नारी शक्ति ही समाज की शक्ति”, “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ”, “महिलाओं का सम्मान, राष्ट्र का अभिमान” जैसे नारों के साथ शहर की सड़कों पर दौड़ लगाई।
दौड़ के दौरान प्रतिभागियों ने न केवल सशक्तिकरण का संदेश दिया, बल्कि महिला सुरक्षा से संबंधित जागरूकता भी फैलायी। पुलिस विभाग की टीम ने इस मौके पर महिला हेल्पलाइन नंबरों — 1090, 112, 1076, 1098, 181, 1930, 102 और 108 — के महत्व की जानकारी देते हुए पंपलेट बांटे और लोगों को महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया।
मैराथन में शामिल छात्राओं और महिला आरक्षियों ने एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कई प्रेरक विचार रखे।
क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने कहा कि ग्रामीण अंचलों से आई बालिकाओं का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर सजग हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, “जब कोई बालिका इस तरह की दौड़ में भाग लेती है, तो वह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं बल्कि आत्मबल, स्वाभिमान और अपने सपनों की दिशा में कदम बढ़ा रही होती है।”
इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। इसका मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज में उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन हमेशा महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर है।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी बेहतरीन प्रदर्शन क्षमता का परिचय दिया। परिणाम घोषित होने पर रागिनी राजभर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, नगमा खातून द्वितीय, संजना यादव तृतीय और उजेसा कुमारी ने चतुर्थ स्थान हासिल किया। सभी विजेताओं को मेडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं और महिलाओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें मिशन शक्ति, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, तथा निराश्रित विधवा पेंशन योजना जैसी योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार, पुलिस उपाधीक्षक आकांक्षा गौतम, प्रभारी निरीक्षक अलीनगर अनिल पांडेय, प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय गगनराज सिंह, प्रभारी निरीक्षक यातायात सत्य प्रकाश यादव, थानाध्यक्ष कंदवा प्रियंका सिंह, और थानाध्यक्ष महिला थाना पूजा कौर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सभी प्रतिभागियों को जिला प्रशासन की ओर से सहभागिता प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। अधिकारियों ने छात्राओं से अपील की कि वे निर्भीक होकर अपने सपनों को पूरा करें और समाज में महिलाओं की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएं।
कार्यक्रम का माहौल उत्साह, जोश और ऊर्जा से भरा रहा। जहां एक ओर छात्राओं में आत्मविश्वास झलक रहा था, वहीं पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों में मिशन शक्ति की सफलता का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
यह आयोजन न केवल महिला सुरक्षा का प्रतीक बना, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं, तो समाज की सोच बदलना संभव हो जाता है।













