वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय परिसर में मंगलवार को छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया में संशोधन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सेंट्रल हिंदू स्कूल की एडमिशन नीति को लेकर असंतोष जताते हुए छात्र-छात्राओं ने धरना दिया और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की। इस दौरान प्राक्टर कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर किया, जिससे हल्की नोकझोंक की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर शांत कराया और उनकी बातों पर विचार करने का भरोसा दिलाया।
धरना दे रहे छात्रों का कहना है कि कक्षा-9 में छात्राओं के लिए सीटों की संख्या बेहद कम या शून्य दिखाई गई है, जबकि सेंट्रल हिंदू बॉयज स्कूल में इसी कक्षा के लिए दर्जनों सीटें उपलब्ध हैं। उनका आरोप है कि इस असमान व्यवस्था से प्रतिभाशाली छात्राओं को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से अवसर नहीं मिल पा रहा है। छात्रों ने मांग की कि छात्राओं के हित में अतिरिक्त सेक्शन शुरू किए जाएं, ताकि मेरिट के आधार पर अधिक छात्राओं को प्रवेश मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने कक्षा-6 की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि कोरोना काल के कारण प्रवेश व्यवस्था प्रभावित रही, जिसके चलते अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने यह भी मांग रखी कि सभी कक्षाओं के लिए हॉस्टल सीटों की उपलब्धता का स्पष्ट विवरण बुलेटिन में प्रकाशित किया जाए, ताकि बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक समय रहते योजना बना सकें।
छात्रों ने कहा कि यह विरोध आगामी स्कूल एंट्रेंस टेस्ट से पहले किया जा रहा है, ताकि समय रहते आवश्यक सुधार लागू किए जा सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है और प्रशासन को इस विषय पर शीघ्र ठोस निर्णय लेना चाहिए। फिलहाल छात्रों ने प्रशासन से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई है।









