चंदौली। जनपद के बलुआ थाना क्षेत्र के पूरा गणेश गांव में उस समय मातम छा गया जब एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। युवक का शव शुक्रवार सुबह गांव के बाहर बबूल के पेड़ से लटकता मिला। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की पहचान राहुल निषाद (22 वर्ष) पुत्र दिनेश निषाद निवासी पूरा गणेश, थाना बलुआ के रूप में हुई है। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार राहुल मुंबई में रहकर प्राइवेट कार्य करता था, वहीं उसके पिता भी वर्षों से मुंबई में मजदूरी करते हैं। राहुल की शादी मिर्जापुर जनपद में हुई थी और हाल ही में उसकी पत्नी उषा देवी ने एक पुत्र को जन्म दिया था। पत्नी प्रसव के बाद अपने मायके में ही रह रही थी।
परिजनों के मुताबिक राहुल लगभग 15 दिन पहले मुंबई से गांव आया था। घर आने के बाद से वह कुछ तनाव में दिखाई दे रहा था। गुरुवार की रात उसने अपने घर के पास स्थित बबूल के पेड़ के सहारे फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उन्होंने परिवारवालों को सूचना दी। यह खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना पर थाना बलुआ प्रभारी निरीक्षक मयफोर्स मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वहीं गांव में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद मातम का माहौल बना रहा।
गांव के लोगों का कहना है कि राहुल मिलनसार और शांत स्वभाव का युवक था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह उदास और परेशान दिखाई दे रहा था। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि परिवार में किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान था।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक कलह से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही लगाया जा सकेगा। बलुआ थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि मुस्कुराने वाला राहुल इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकता है। वहीं, राहुल के पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और परिजन बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो जा रहे थे।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि आजकल पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव युवाओं को धीरे-धीरे निगल रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि किसी भी समस्या में परिवार या समाज के भरोसेमंद लोगों से बात करें, न कि आत्महत्या जैसा कदम उठाएं।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुटी हुई है।













