वाराणसी। माघ मेला-2026 के कारण प्रयागराज से लेकर काशी तक श्रद्धालुओं का लगातार आगमन जारी है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा स्नान के लिए घाटों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी भीड़ के बीच राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) 11वीं वाहिनी के जवान गंगा घाटों पर मुस्तैदी से तैनात हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं।
रविवार को राजेंद्र घाट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सिगरा, वाराणसी की रहने वाली करीब 25 वर्षीय महिला श्रद्धालु गंगा स्नान के दौरान संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। महिला को डूबता देख आसपास मौजूद लोग घबरा गए और शोर मचने लगा।
घटना के वक्त घाट पर पिकेट ड्यूटी में तैनात एनडीआरएफ के जवानों ने बिना देर किए तुरंत मोर्चा संभाला। जवानों ने गहरे पानी में छलांग लगाकर महिला तक पहुंच बनाई और सुरक्षित बाहर निकालकर घाट पर ले आए। समय रहते हुए किए गए इस रेस्क्यू से महिला की जान बच गई, जिसके बाद उसने राहत की सांस ली।
इस पूरे घटनाक्रम को घाट पर मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आंखों से देखा। लोगों ने एनडीआरएफ के जवानों की बहादुरी और तत्परता की खुले दिल से सराहना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि घाटों पर एनडीआरएफ की मौजूदगी से वे खुद को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
माघ मास के दौरान गंगा घाटों पर बढ़ती भीड़ के बीच एनडीआरएफ के जवान दिन-रात ड्यूटी निभाते हुए यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी श्रद्धालु के साथ अनहोनी न हो और जरूरत पड़ते ही तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।









