वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ में आयोजित 68वें ऑल इंडिया इंग्लिश टीचर्स कॉन्फ्रेंस का तृतीय दिवस समापन समारोह के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी, कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी, रजिस्ट्रार प्रोफेसर सुनीता पाण्डेय, जनरल सेक्रेटरी प्रोफेसर विकास शर्मा एवं लोकल सेक्रेटरी प्रोफेसर निशा सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन और महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण से किया गया। कुलपति द्वारा मेयर अशोक तिवारी का स्वागत बुके एवं अंगवस्त्रम से किया गया, जबकि अन्य अतिथियों का स्वागत विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कुलगीत और डॉ. धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय के वैदिक मंगलाचरण से हुई। अपने संबोधन में मेयर अशोक तिवारी ने काशी की सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए देशभर से आए शिक्षाविदों से बनारस के भाव को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने इतने व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन को असाधारण बताते हुए मुख्य आयोजक प्रोफेसर निशा सिंह के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। मेयर ने कहा कि अपने विद्यार्थी जीवन के विश्वविद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में आना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने हिंदी कवियों की रचनाओं को अंग्रेजी साहित्य के पाठ्यक्रम में शामिल करने और भाषाई मौलिकता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन ऐसे समय आयोजित हुआ है जब स्वामी विवेकानंद जी और विश्वविद्यालय के संस्थापक भगवान दास जी की जयंती भी मनाई जा रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने बनारस की स्वछंदता और जीवंत मिजाज का उल्लेख करते हुए कहा कि मेयर अशोक तिवारी इसके सजीव उदाहरण हैं। कुलपति ने अधिवेशन में शामिल सभी शिक्षाविदों का स्वागत करते हुए भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रीय आयोजनों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर त्रिदिवसीय अधिवेशन के दौरान मंचित अंग्रेजी नाटक ‘वेटिंग फॉर गोडो’ के कलाकारों को सम्मानित किया गया। साथ ही एसोसिएशन के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को कुलपति द्वारा सम्मान प्रदान किया गया। चुनाव अधिकारी प्रोफेसर निशा सिंह ने विजयी प्रत्याशियों को शपथ दिलाई। आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका रही, जिन्हें मंच से सम्मानित किया गया।
धन्यवाद ज्ञापन में जनरल सेक्रेटरी प्रोफेसर विकास शर्मा ने कहा कि प्रारंभ में अधिवेशन की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर कुछ आशंकाएं थीं, लेकिन प्रोफेसर निशा सिंह के कुशल नेतृत्व और समर्पण से यह सम्मेलन अब तक के सबसे सफल आयोजनों में शामिल हो गया। उन्होंने बताया कि इस अधिवेशन में रिकॉर्ड संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन आराधना सिंह भृगुवंशी ने किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का औपचारिक समापन हुआ।









