सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर में बरसात के मौसम के साथ ही सामने आने वाली जलभराव की पुरानी समस्या एक बार फिर चर्चा में है। इमरती कॉलोनी के सामने वाराणसी–शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर हर बारिश में जमा होने वाला पानी न सिर्फ स्थानीय निवासियों बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी बड़ी परेशानी बन जाता है। इसी गंभीर समस्या को लेकर शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग वाराणसी के सहायक अभियंता प्रवीण कुमार और उपसा के महाप्रबंधक शिवलाल सोनभद्र पहुंचे और मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान सड़क पर जलजमाव की स्थिति, पानी की निकासी की दिशा, नालों की मौजूदा क्षमता और संभावित चोक प्वाइंट्स का बारीकी से परीक्षण किया। इस दौरान यह भी सामने आया कि हल्की बारिश में ही सड़क पर पानी भर जाता है, जबकि तेज बारिश के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और लोगों को घंटों जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है।
निरीक्षण के समय अधिकारियों ने स्वीकार किया कि मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था अपर्याप्त है और समय के साथ नालों में गाद भरने तथा तकनीकी खामियों के कारण निकासी बाधित हो रही है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाले के पुनर्निर्माण, नियमित सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और एक दीर्घकालिक ड्रेनेज प्लान तैयार करने जैसे बिंदुओं पर गंभीर मंथन किया गया। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए कि बरसात से पहले तात्कालिक उपायों के साथ-साथ भविष्य को ध्यान में रखते हुए ठोस योजना बनाना आवश्यक है।
गौरतलब है कि उरमौरा क्षेत्र में बरसात के दौरान उत्पन्न होने वाली इस समस्या को लेकर सदर विधायक भूपेश चौबे ने पहले ही शासन को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। विधायक द्वारा मामला उठाए जाने के बाद विभागीय स्तर पर हरकत तेज हुई और अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस मार्ग पर जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी ठोस निर्णय या समयसीमा की घोषणा नहीं की गई थी, लेकिन अधिकारियों की मौजूदगी और सक्रियता से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि इस बार बरसात में जलभराव से राहत मिल सकती है। अब देखना यह है कि विभागीय मंथन कागजों तक सीमित रहता है या जमीनी स्तर पर इसका असर भी दिखाई देता है।









