चंदौली। आसमान आज रात एक अद्भुत नजारे का गवाह बनेगा। 7 और 8 सितंबर की दरमियानी रात को साल का सबसे बड़ा पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण वैज्ञानिक दृष्टि से भी खास है क्योंकि यह लगभग 82 मिनट तक चलेगा। इस दौरान चाँद धीरे-धीरे लालिमा लिए तांबे जैसा रंग धारण कर लेगा, जिसे आमतौर पर ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
खगोल विज्ञानियों के मुताबिक ग्रहण की शुरुआत रात 8:58 बजे उपच्छाया (penumbral) चरण से होगी। इसके बाद 9:57 बजे आंशिक चरण शुरू होगा और 11:00 बजे से 12:22 बजे तक पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। अंततः यह ग्रहण रात लगभग 1:30 बजे पूरी तरह समाप्त होगा। खास बात यह है कि यह खगोलीय घटना भारत समेत एशिया, अफ्रीका और यूरोप के अधिकांश हिस्सों में साफ तौर पर दिखाई देगी।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस ग्रहण को देखने के लिए किसी दूरबीन या विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है। यह साधारण आंखों से भी आसानी से देखा जा सकता है। हालांकि, खगोल प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए यह एक दुर्लभ अवसर है, जब चाँद का रंग गहरा लाल दिखाई देगा और इसे कैमरे में कैद करना रोमांचक होगा।
वहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्रजाप और स्नान का विधान बताया गया है, जबकि कई लोग भोजन और पकाने से परहेज़ भी करते हैं। कई मंदिरों में भी ग्रहण के दौरान विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
स्थानीय खगोल प्रेमी और छात्र-छात्राएँ पहले से ही तैयारियाँ कर रहे हैं। लोग छतों और खुले मैदानों में जाकर इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखने के लिए उत्साहित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ग्रहण न केवल धार्मिक आस्था बल्कि विज्ञान के दृष्टिकोण से भी अत्यंत रोचक होगा।









