वाराणसी। गणतंत्र दिवस 2026 पर काशी की धरती को एक और गौरव मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और वाराणसी पुलिस के जांबाज अधिकारियों को उनकी अद्वितीय वीरता और साहसिक कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 22 मार्च 2022 को लोहता थाना क्षेत्र में हुई उस ऐतिहासिक मुठभेड़ के लिए दिया जा रहा है, जिसमें दो लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी मनीष सिंह उर्फ सोनू को ढेर किया गया था।
मनीष सिंह उर्फ सोनू अपराध की दुनिया का बड़ा नाम था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, हत्या के प्रयास और संगठित अपराध सहित 32 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। एसटीएफ को जैसे ही उसके लोकेशन की पुख्ता सूचना मिली, तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। खुद को घिरता देख अपराधी ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन एसटीएफ के जांबाजों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए जवाबी कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया।
इन जांबाजों को मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पदक
इस साहसिक ऑपरेशन में शामिल
- अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह,
- इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव,
- हेड कांस्टेबल बैजनाथ,
- हेड कांस्टेबल मनोज सिंह
को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
इसके साथ ही कैंट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर शिवकांत मिश्रा को भी उनकी उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति पदक प्रदान किया जाएगा।
अन्य सम्मान भी घोषित
- चेतगंज थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला को डीजीपी द्वारा सिल्वर प्रशंसा चिन्ह
- रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्रदान किया जाएगा।
यह सम्मान न केवल इन बहादुर अफसरों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और यूपी एसटीएफ के शौर्य, अनुशासन और प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। काशी की जनता इन जांबाजों को सलाम करती है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अपराध के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी और समाज को सुरक्षित बनाया।













