चंदौली। बलुआ थाना क्षेत्र के डेरवा गांव में गुरुवार को सनातन चेतना अपने पूरे वैभव के साथ सड़कों पर उतरी। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय महिला परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के संयुक्त आयोजन में हुए भव्य हिन्दू सम्मेलन ने पूरे इलाके को आस्था, एकता और स्वाभिमान के रंग में रंग दिया। साधु-संतों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की भारी मौजूदगी ने आयोजन को जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरा और प्रख्यात कैंसर सर्जन प्रवीण भाई तोगड़िया का पारंपरिक सम्मान के साथ जोरदार स्वागत किया गया। मंच से उनका संबोधन शुरू होते ही जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से पंडाल गूंज उठा। तोगड़िया ने कहा कि राम मंदिर किसी एक दिन की उपलब्धि नहीं, बल्कि दशकों के संघर्ष, बलिदान और अटूट संकल्प का परिणाम है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे गांव-गांव जाकर समाज को जगाया गया और कारसेवा के दौर में असंख्य कार्यकर्ताओं ने त्याग किया। उनका कहना था कि “जब समाज एकजुट होता है, तब इतिहास बनता है।”
उन्होंने हिन्दू समाज से संगठित रहने, सनातन परंपराओं की रक्षा करने और हर गांव-हर गली में संस्कृति की अलख जगाने का आह्वान किया। हनुमान चालीसा, हर-हर महादेव और राष्ट्रभक्ति को सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने की बात कहते हुए उन्होंने एकजुटता को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
हिमाचल प्रदेश से आईं राष्ट्रीय महिला परिषद की प्रतिनिधि रजनी बहन ने महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि सशक्त और जागरूक नारी ही मजबूत समाज की नींव है। उन्होंने महिला सुरक्षा, गौ-संरक्षण और हिन्दू हेल्पलाइन के माध्यम से सहयोग का भरोसा दिलाया।
आयोजन में भाजपा नेता सूर्यमुनि तिवारी, डॉ. विवेक जायसवाल, गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा, जबकि अनुशासित भीड़ ने आयोजन को शांतिपूर्ण और भव्य बनाया।
सम्मेलन के अंत में राष्ट्र, धर्म और समाज की एकता की शपथ ली गई। डेरवा गांव देर शाम तक सनातन नारों से गूंजता रहा, और यह संदेश साफ दिखा—यह सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि हिन्दू चेतना के जागरण का ऐलान था।













