जौनपुर। जिले में प्रतिबंधित मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। बुधवार दोपहर लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया के पास मांझे की चपेट में आने से केराकत के शेखजादा मोहल्ला निवासी फिजियोथेरेपिस्ट समीर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से इलाके में सनसनी फैल गई।
बताया गया कि समीर किसी मरीज को देखने जिला अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में अचानक प्रतिबंधित मांझा उनके गले में फंस गया, जिससे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनकी जान चली गई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता मुकीम और भाई जावेद तत्काल अस्पताल पहुंचे।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में यह खुलेआम बिक रहा है। कुछ ही सप्ताह पहले इसी तरह की घटना में एक शिक्षक की भी मौत हो चुकी है, जब वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर लौट रहे थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही मौतों के बावजूद न तो सख्त कार्रवाई हो रही है और न ही कोई ठोस जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पतंगबाजी के शौक ने अब आम लोगों की जान पर बन आई है।
समीर की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।









