प्रयागराज। कोडीन मिले कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी से जुड़े बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी और फरार चल रहे शुभम जायसवाल को हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली। गुरुवार को दायर उसकी याचिका पर निर्धारित सुनवाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट से पासओवर की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने मामले को अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि तस्करी केस में एनडीपीएस एक्ट के साथ-साथ बीएनएस की अतिरिक्त धाराएँ भी शामिल कर दी गई हैं, जिससे मामला और गंभीर श्रेणी में चला गया है। सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, यह नेटवर्क राज्यों के बीच फैला हुआ है और बड़े स्तर पर अवैध कारोबार की आशंका है।
शुभम जायसवाल ने दायर याचिका में वाराणसी और गाजियाबाद में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने तथा गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग रखी है। वाराणसी के कोतवाली थाने में 15 नवंबर को दर्ज केस में शुभम, उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल सहित कुल 28 लोगों के नाम शामिल हैं। शुभम के पिता ने भी स्थानीय एफआईआर को चुनौती देते हुए न्यायालय से छूट प्रदान करने की गुहार लगाई है।
इस हाई-प्रोफाइल केस की निगरानी दो जजों–जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव–की खंडपीठ कर रही है। पुलिस पहले से दर्ज मामलों के आधार पर दोनों जिलों में आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
अब अगली तारीख पर यह तय होगा कि कोर्ट शुभम जायसवाल को किसी तरह की अंतरिम राहत देता है या उसकी गिरफ्तारी पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।









