वाराणसी। शहर में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर तेज और असरदार कार्रवाई कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। क्राइम ब्रांच प्रभारी गौरव सिंह के नेतृत्व में टीम ने चौक थाना क्षेत्र में हुई सोने की चोरी और सिगरा इलाके में सामने आए टप्पेबाजी जैसे मामलों को महज 48 घंटे के भीतर सुलझा दिया। इतनी कम समय-सीमा में मामलों के खुलासे से न सिर्फ पुलिस की कार्यकुशलता सामने आई है, बल्कि अपराधियों के बीच भी साफ संदेश गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन मामलों में तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र का प्रभावी इस्तेमाल किया गया। गौरव सिंह ने टीम को अलग-अलग बिंदुओं पर जिम्मेदारी बांटी और हर एंगल से जांच कराई, जिसके चलते अपराध की पूरी कड़ी तेजी से सामने आ गई।
क्राइम ब्रांच प्रभारी पहले भी कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मामलों में निर्णायक भूमिका निभा चुके हैं। उनकी पहचान एक सख्त लेकिन रणनीतिक अधिकारी के रूप में रही है, जिनके खिलाफ अपराध करने से अपराधी पहले ही घबराते हैं।
इन सफल कार्रवाइयों में टीम के जांबाज सिपाहियों की भूमिका भी अहम रही। चंद्रभान यादव, पवन कुमार तिवारी, मान्यंक त्रिपाठी, सचिन पांडेय, अंकित मिश्रा और मनीष सिंह बघेल जैसे पुलिसकर्मियों ने लगातार फील्ड में रहकर सुराग जुटाए और आरोपियों तक पहुंच बनाई।
लगातार हो रहे खुलासों से आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अपराधों के त्वरित खुलासे से यह भरोसा मजबूत हुआ है कि पुलिस न सिर्फ सक्रिय है, बल्कि अपराधियों को बचने का मौका भी नहीं दे रही। पुलिस प्रशासन में भी क्राइम ब्रांच की इस तेज कार्रवाई को एक प्रभावी मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।









