चंदौली। जिले के बलुआ थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने किन्नर के आवास पर बम विस्फोट करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तिरगांवा गांव के पास की गई, जहां स्कार्पियो सवार आरोपी गाजीपुर की ओर फरार होने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त वाहन और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है।
मोहरगंज में आधी रात को दहला इलाका
जानकारी के अनुसार, बलुआ थाना क्षेत्र के मोहरगंज इलाके में खुशबू नामक किन्नर का आवास है, जहां वह अपने लगभग 15 साथियों के साथ रहती हैं। बीते रविवार की आधी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अज्ञात बदमाशों ने मकान के पिछले हिस्से को निशाना बनाकर बम फेंक दिया। तेज धमाके से मकान की पिछली दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। विस्फोट के दौरान घर के अंदर मौजूद तीन किन्नर घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और डर के कारण सभी किन्नरों ने अस्थायी रूप से मकान खाली कर दिया था।
नामजद मुकदमा और पुलिस की सक्रियता
घटना के बाद खुशबू किन्नर की तहरीर पर बलुआ थाना पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी और आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, तीन गिरफ्तार
मंगलवार को पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि बम धमाके में शामिल आरोपी सफेद स्कार्पियो से गाजीपुर की ओर भागने की फिराक में हैं और तिरगांवा गांव के रास्ते निकलेंगे। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अतुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन मुस्तैदी दिखाते हुए टीम ने स्कार्पियो को रोककर तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार निवासी सराय गांव, विशाल उर्फ शालू निवासी सराय गांव और मनीष निवासी गोबरक्षा, जिला भभुआ (बिहार) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान वाहन से विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई, जिससे पुलिस को अहम सबूत हाथ लगे हैं।
जुर्म कबूल, जेल भेजे गए आरोपी
थानाध्यक्ष अतुल कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। तीनों को संबंधित धाराओं में न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुबाष कुमार गौतम, सिपाही राजबहादुर सरोज, अनुराग गुप्ता और अल्ताफ अहमद की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश या किसी अन्य साजिश का हाथ तो नहीं है। साथ ही फरार अन्य आरोपियों की तलाश और नेटवर्क की पड़ताल भी की जा रही है।













