चंदौली। समाजवादी विचारधारा के प्रणेता, पूर्व मुख्यमंत्री एवं देश के पूर्व रक्षा मंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की तीसरी पुण्यतिथि शुक्रवार को चहनियां क्षेत्र के जमालपुर स्थित पंचायत भवन पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उनके जीवन और योगदान को याद करते हुए ‘देश के विकास में मुलायम सिंह यादव का योगदान’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेमनारायण यादव ने की, जबकि संचालन रामलखन द्वारा किया गया। आयोजन का नेतृत्व ग्राम प्रधान ज्ञानी जैल सिंह यादव ने किया। कार्यक्रम में समाजवादी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने स्व. मुलायम सिंह यादव के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख चहनियां राम अवध यादव ने कहा कि देश के रक्षा मंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने सेना और सैनिकों के सम्मान के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि पहले जब कोई सैनिक शहीद होता था, तो उसके परिवार को केवल प्रतीक स्वरूप वस्तुएं दी जाती थीं, लेकिन मुलायम सिंह जी ने व्यवस्था बदली — अब शहीदों का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और राजकीय गरिमा के साथ किया जाता है। यह उनकी सैनिकों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का प्रमाण है।
विशिष्ट अतिथि ग्राम प्रधान ज्ञानी जैल सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मुलायम सिंह यादव ने गरीबों, किसानों, दलितों और पिछड़ों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने समाज के दबे-कुचले वर्गों के सर्वांगीण विकास की नींव रखी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके निर्णय आज भी मिसाल हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मुलायम सिंह यादव एक ऐसे नेता थे जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। वे सदैव किसानों और मजदूरों की आवाज बने रहे। उनके संघर्ष और सादगी ने उन्हें देशभर में ‘धरतीपुत्र’ के रूप में पहचान दिलाई।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि मुलायम सिंह यादव की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है और उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के अंत में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की आत्मा की शांति के लिए मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।













