वाराणसी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार सुबह 11 बजे शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान पहुंचेंगे, जहां वे संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगे। इस दौरान सब्जी फसलों पर चल रहे शोध, विकास कार्यों की प्रगति, उपलब्धियों और आगामी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से संबद्ध यह संस्थान बीते लगभग 35 वर्षों से सब्जी अनुसंधान के क्षेत्र में अहम योगदान देता रहा है। संस्थान द्वारा अब तक 135 से अधिक सब्जी फसलों की उन्नत प्रजातियां विकसित की जा चुकी हैं। इसके साथ ही उन्नत पारंपरिक एवं जैविक उत्पादन तकनीकियां, प्रेसिजन फार्मिंग, प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन, कृषि सुरक्षा उपाय, जीनोम एडिटिंग, स्पीड ब्रीडिंग, ओमिक्स आधारित तकनीकियां, सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी तथा बायोस्टिमुलेंट उत्पादों के विकास में भी उल्लेखनीय कार्य किया गया है। इन तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में भी संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
संस्थान निर्यात योग्य सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेशनल प्रोटोकॉल (SOP) विकसित कर रहा है, जिससे किसान उच्च गुणवत्ता की सब्जियां उगाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बना सकें और उनकी आय में वृद्धि हो सके। किसानों को समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित टूल्स पर भी कार्य किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम निकट भविष्य में सामने आने की संभावना है।
समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रक्षेत्र भ्रमण भी करेंगे। साथ ही पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों, वर्तमान शोध परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं पर बिंदुवार चर्चा होगी। वैज्ञानिकों के सुझावों के आधार पर किसानों के हित में नई कार्ययोजना तैयार किए जाने की भी संभावना है।









