चंदौली। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को जिले में पूर्णतः शांतिपूर्ण और पारदर्शी माहौल में संपन्न हुई। प्रशासन और पुलिस की सख्त निगरानी के बीच परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई — पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक चली।
जनपद में परीक्षा के लिए कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें लगभग 5,200 से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत थे। प्रथम पाली में 2,355 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 2,853 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए। परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र से नकल या अव्यवस्था की कोई शिकायत नहीं मिली, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने स्वयं कई परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने महेंद्र टेक्निकल कॉलेज और जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, बबुरी रोड का निरीक्षण करते हुए परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच की और केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पाए।
डीएम गर्ग ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू कर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने कहा कि “प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हर अभ्यर्थी को निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले।”
इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया था, जिससे परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के आसपास निगरानी रखी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की।
परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त मॉनिटरिंग के चलते पूरा जनपद परीक्षा के दौरान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को नकलविहीन और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित कर ली गई थीं।
डीएम चंद्रमोहन गर्ग ने परीक्षा के बाद मीडिया से कहा कि “जिले में परीक्षा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुई। किसी भी केंद्र से कोई गड़बड़ी या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यह सभी परीक्षा कर्मियों और सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।”
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की परीक्षाओं में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार का कड़ा अनुशासन और सतर्कता बनाए रखी जाएगी ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास प्रशासन पर कायम रहे।













