जम्मू। नए साल के मौके पर श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा नियमों में अहम बदलाव किए हैं। अब श्रद्धालुओं को RFID कार्ड प्राप्त करने के बाद अधिकतम 10 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को 24 घंटे के भीतर कटरा बेस कैंप लौटना होगा। ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
श्राइन बोर्ड के अनुसार, पहले RFID कार्ड लेने के बाद श्रद्धालु किसी भी समय यात्रा शुरू कर सकते थे और कई बार भवन क्षेत्र में दो-तीन दिन तक रुक जाते थे। इससे भवन और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भीड़, जाम जैसी स्थिति और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती थीं। नए नियमों का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य को आसान बनाना है।
बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि नए साल, नवरात्र और अन्य विशेष अवसरों पर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में समय-सीमा तय करने से यात्रा का प्रवाह सुचारु रहेगा और सभी भक्तों को सुरक्षित व व्यवस्थित दर्शन का अवसर मिल सकेगा।
यात्रा से जुड़ी अहम जानकारी
कटरा से माता वैष्णो देवी भवन की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। यह यात्रा श्रद्धालु पैदल, घोड़े, पिट्ठू, बैटरी कार या हेलीकॉप्टर के माध्यम से कर सकते हैं। एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति को पैदल चढ़ाई और उतराई सहित पूरी यात्रा में करीब 6 से 8 घंटे का समय लगता है। मौसम और भीड़ को देखते हुए समय में थोड़ा अंतर भी हो सकता है।
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के लिए पहले से योजना बनाएं, निर्धारित समय सीमा का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सहयोग करें। बोर्ड का कहना है कि इन नए नियमों से न केवल दर्शन व्यवस्था सुचारु होगी, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।













