वाराणसी। वाराणसी में वकीलों और पुलिस के बीच हाल ही में उत्पन्न विवाद को लेकर रविवार को पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विवाद का समाधान और तनाव कम करना था।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने वकीलों और पुलिस के बीच विश्वास बहाल करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि दारोगा पिटाई मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक वकीलों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बैठक में वकीलों और पुलिसकर्मियों से संयम बरतने की अपील की और सभी पक्षों से सहयोग की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य विवाद का निष्पक्ष और शांतिपूर्ण समाधान निकालना है, ताकि कानूनी बिरादरी और आम जनता का विश्वास बना रहे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में प्रशासन व कानूनी प्रतिनिधियों के बीच संपर्क और संवाद को मजबूत किया जाएगा, ताकि ऐसे मामलों में भविष्य में किसी भी तरह का तनाव उत्पन्न न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक से वाराणसी में तनाव कम होने की संभावना है और स्थिति सामान्य होने की दिशा में प्रगति करेगी। प्रशासन ने सभी पक्षों से अपील की है कि वह शांति बनाए रखें और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करें।
इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वाराणसी प्रशासन विवाद के निष्पक्ष निपटारे के लिए गंभीर कदम उठा रहा है और जल्द ही मामला अपने उचित समाधान की ओर बढ़ेगा।













