वाराणसी। शहर के ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण राजघाट पुल (मालवीय ब्रिज) पर मरम्मत कार्य के चलते 24 दिसंबर से 13 जनवरी तक दोपहिया सहित सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में पुल से केवल पैदल यात्रियों को ही आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। यातायात पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है।
दरअसल, राजघाट पुल पर ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन जॉइंट की मरम्मत का कार्य लंबे समय से प्रस्तावित था। पहले 20 दिसंबर को मरम्मत के लिए पुल को आंशिक रूप से बंद किया गया था, लेकिन अत्यधिक यातायात दबाव के कारण कार्य सुचारु रूप से नहीं हो सका। वाहन चालकों की लगातार आवाजाही के चलते न केवल कार्य में बाधा आ रही थी, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ था।
इस स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और संबंधित अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। बैठकों के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि बिना पूर्ण यातायात प्रतिबंध लगाए मरम्मत कार्य को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा करना संभव नहीं है। इसके बाद प्रशासन ने 24 दिसंबर से 13 जनवरी तक पुल को पूरी तरह वाहनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया।
डायवर्जन और वैकल्पिक व्यवस्था
यातायात पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार—
- 24 दिसंबर से 13 जनवरी तक राजघाट पुल पर किसी भी प्रकार का वाहन नहीं चलेगा
- दोपहिया वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा, एंबुलेंस और शव वाहन को सामने घाट पुल के माध्यम से संचालित किया जाएगा
- यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए लुट्टूबर अंडरपास पर जर्सी बैरियर लगाए जाएंगे
- प्रमुख चौराहों और डायवर्जन प्वाइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी
प्रशासन की अपील
डीसीपी ट्रैफिक अनिल कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे मरम्मत अवधि के दौरान जारी किए गए डायवर्जन प्लान का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों की ओर न जाएं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि पुल की मरम्मत गुणवत्ता के साथ पूरी की जा सके और भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही राजघाट पुल को पुनः यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। तब तक नागरिकों से धैर्य और सहयोग बनाए रखने की अपील की गई है।









