वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में यातायात व्यवस्था को सुचारु और जाममुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अहम पहल की है। शहर के 20 प्रमुख और अत्यधिक व्यस्त चौराहों पर 5-5 सदस्यीय यातायात निगरानी समितियों के गठन का निर्णय लिया गया है, जो जाम की समस्या पर नजर रखते हुए पुलिस को सहयोग करेंगी।
रविवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और शहर के प्रमुख व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में इस पर सहमति बनी। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सुगम और सुरक्षित यातायात केवल पुलिस के प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। प्रस्तावित समितियां पुलिस की “आंख और कान” बनकर जाम, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण जैसी समस्याओं की जानकारी तत्काल पुलिस को देंगी।
इन समितियों की जिम्मेदारी होगी कि वे चौराहों और आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमण व अवैध पार्किंग की सूचना दें, अनैतिक गतिविधियों जैसे जुआ, नशाखोरी अथवा अन्य संदिग्ध कार्यों पर नजर रखें और दुकानदारों व ग्राहकों को सड़क पर वाहन खड़ा न करने के लिए जागरूक करें।
प्रारंभिक चरण में मैदागिन, गोदौलिया, रथयात्रा, मालवीय चौराहा, साजन तिराहा, मलदहिया और कोतवाली सहित शहर के 20 व्यस्त चौराहों को चिन्हित किया गया है, जहां अक्सर यातायात दबाव के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है।
पुलिस आयुक्त ने व्यापारियों से अपील की कि वे स्वयं अतिक्रमण न करें और अपने ग्राहकों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें। साथ ही पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक स्थलों के सुझाव देने को कहा गया है।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने मैदागिन से गोदौलिया तक लागू किए गए ‘नो-व्हीकल जोन’ की सराहना की। उनका कहना था कि इस व्यवस्था से बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को काफी राहत मिली है। पुलिस प्रशासन ने व्यापार मंडलों से अपने-अपने क्षेत्रों में खाली या वैकल्पिक स्थलों की पहचान कर उन्हें पार्किंग के रूप में विकसित करने का सुझाव भी मांगा है, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सके।













