नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती को एक बार फिर नई उम्मीद मिली है। देश की सबसे जुझारू और चर्चित महिला पहलवानों में शामिल विनेश फोगाट ने संन्यास के अपने फैसले पर विराम लगाते हुए कुश्ती मैट पर लौटने का ऐलान कर दिया है। लंबे आत्ममंथन और कठिन दौर से गुजरने के बाद विनेश ने साफ कर दिया है कि उनका अगला और अंतिम बड़ा लक्ष्य अमेरिका के लॉस एंजिल्स में होने वाला ओलंपिक 2028 है, जिसके लिए वह पूरी तैयारी और दृढ़ संकल्प के साथ वापसी कर रही हैं।
विनेश फोगाट ने अपनी वापसी की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए साझा की। भावुक शब्दों में लिखे गए उनके संदेश ने साफ संकेत दे दिया कि कुश्ती से उनका रिश्ता कभी टूटा ही नहीं था। उन्होंने लिखा कि शांत रहने के उस दौर में उन्होंने खुद को और अपने भीतर की आग को दोबारा पहचाना। अनुशासन, मेहनत और जीत की भूख आज भी उतनी ही मजबूत है, जितनी पहले थी। यही वजह है कि उन्होंने एक बार फिर मैट पर लौटने का फैसला लिया।
विनेश का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया। विश्व चैंपियनशिप में भी दो बार कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। ओलंपिक मंच पर भी वह लगातार देश का प्रतिनिधित्व करती रहीं और वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक में उन्होंने इतिहास रचते हुए फाइनल तक का सफर तय किया।
हालांकि पेरिस ओलंपिक में फाइनल मुकाबले से ठीक पहले जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर दिया। 50 किलोग्राम वर्ग में मात्र 100 ग्राम वजन अधिक पाए जाने के कारण विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया गया और वह स्वर्ण पदक के मुकाबले में उतरने से वंचित रह गईं। यह फैसला न सिर्फ उनके लिए, बल्कि करोड़ों खेल प्रेमियों के लिए भी बेहद पीड़ादायक रहा। इसी घटना के बाद उन्होंने कुश्ती से दूरी बनाने का संकेत दिया था।
संन्यास के बाद विनेश फोगाट ने एक नई राह चुनी और राजनीति में कदम रखा। हरियाणा विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जुलाना सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचीं। चुनावी मैदान में भी उन्होंने वही जुझारूपन दिखाया, जिसके लिए वह खेल जगत में जानी जाती हैं। जीत के बाद वह जनसेवा में सक्रिय रहीं, लेकिन कुश्ती से उनका जुड़ाव कहीं न कहीं बना रहा।
अब विनेश की वापसी को भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा उनका परिवार और उनका छोटा बेटा है, जिसकी मौजूदगी उन्हें मानसिक रूप से पहले से कहीं अधिक मजबूत बना रही है। उनका मानना है कि यह नया सफर सिर्फ पदक जीतने का नहीं, बल्कि खुद को फिर से साबित करने का है।
विनेश फोगाट के इस ऐलान के बाद खेल जगत में उत्साह का माहौल है। उनके समर्थकों और प्रशंसकों को एक बार फिर भरोसा है कि यह फाइटर पहलवान ओलंपिक 2028 में भारत के लिए पदक की लड़ाई को और मजबूत बनाएगी। अब सभी की निगाहें लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर टिकी हैं, जहां विनेश फोगाट एक नई कहानी लिखने के इरादे से उतरेंगी।













