चंदौली। नगर पंचायत के वार्ड नंबर 3 हसरत मोहानी नगर में सोमवार की रात एक कोचिंग सेंटर की ओर से ताजीमुल कुरान व जश्ने आमदे रसूल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जलसे में बनारस और चंदौली के कई मशहूर मौलाना और नातख्वां शरीक हुए तथा नातिया कलाम प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
मौलाना मोहम्मद फैजुल्ला का संदेश
जामिया फारूकिया (रेवड़ी तालाब, वाराणसी) के प्रिंसिपल मौलाना मोहम्मद फैजुल्ला ने बच्चियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा –
“जो मां-बाप अपनी बच्चियों को शिक्षा देते हैं, जहन्नम से उनके मां-बाप को मुक्ति मिलती है। पैगंबर साहब ने भी अपनी जिंदगी की शुरुआत में बच्चियों को पढ़ाने का संदेश दिया। इस्लाम ने दीन के साथ दुनियावी तालीम पर भी जोर दिया है। जब बच्चियां पढ़ी-लिखी होंगी, तभी औलाद को शिक्षित मां की छाया में उत्थान का अवसर मिलेगा।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि अपनी बेटियों को दीन और दुनियावी दोनों तरह की शिक्षा दिलाएं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और रोशन हो सके।
नातिया कलाम से झूम उठा मजमा
जलसे में कई नातख्वां ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को रूहानी बना दिया।
- कारी शमशाद खान ने नात पेश की – “लामियाती नजीरू कफी नजरिन मसले तू सूद पैदा जाना…” जिस पर श्रोता झूम उठे।
- साबिर मरकाजी ने कलाम “पयामे मुसर्रत जहां को सुनने हुजूर आ रहे हैं” सुनाकर माहौल को भावुक बना दिया।
- शहादत हाशमी ने कलाम “जिस जात के सदके में सारी कायनात बनी, वह मेरा नबी है” सुनाया, जिस पर उपस्थित लोग “नारे तकबीर, सरकार की आमद मरहबा” के नारों से गूंज उठे।
बच्चों की प्रस्तुतियां और सम्मान
अरबी कोचिंग सेंटर के बच्चों ने मां-बाप की अहमियत पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी।
हसरत मोहानी नगर के अतहर वारसी की ओर से कोचिंग सेंटर के बच्चों को पढ़ाई-लिखाई की किट वितरित की गई।
जलसे के अंत में कोचिंग सेंटर के प्रबंधक हाफिज अब्दुल रहमान को वार्ड नंबर 3 के सभासद परवेज आलम उर्फ डंपी ने स्मृति चिन्ह और माला पहनाकर सम्मानित किया।
मौजूद रहे गणमान्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना सगीर अहमद ने की। इस अवसर पर जावेद आलम अंसारी, पूर्व सभासद नसीम अंसारी, पप्पू अंसारी, इमरान सिद्दीकी, मोहम्मद सकलेन, फिरोज राइन, सलमान फारूकी, मोहम्मद अहमद, राजा आलमगीर फारूकी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













