चंदौली। मुगलसराय में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस और औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सिविल ड्रेस में की गई गुप्त छापेमारी के दौरान राममंदिर क्षेत्र से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया, जबकि फर्जी बिलों के जरिए लाखों की कफ सिरप खपाने वाले छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई के बाद दवा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
गुरुवार रात मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के राममंदिर इलाके में अचानक पहुंची टीम ने एक युवक को उसके घर से पूछताछ के लिए उठाया। इस दौरान आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। हिरासत में लिए गए युवक से तस्करी नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद-फरोख्त फर्जी बिलों के जरिए की जा रही थी। 25 अगस्त से 14 अक्टूबर के बीच दिल्ली की ‘बान्या इंटरप्राइजेज’ और सहारनपुर से जुड़े एक व्यक्ति के माध्यम से पांच संदिग्ध बिल तैयार किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर करीब 2 लाख 32 हजार 400 शीशी (100 एमएल) कफ सिरप का लेन-देन दर्शाया गया। औषधि निरीक्षक बृजेश कुमार मौर्य की जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलीं।
मामले में मुगलसराय कोतवाली में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने जलालपुर स्थित ‘समृद्धि इंटरप्राइजेज’, अलीनगर के जीवधीपुर स्थित ‘च्वाइस डिस्ट्रीब्यूटर्स’ और चतुर्भुजपुर की ‘एसपी फार्मा’ के खिलाफ कार्रवाई की है। तस्करी से जुड़े कुल छह लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें शुभम जायसवाल के पिता का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की सूचना औषधि विभाग को लखनऊ मुख्यालय से मिली थी। इसके बाद कृष्ण नगर कॉलोनी स्थित ‘सिंह मेडिकोज’ पर छापा मारा गया, लेकिन दुकान का संचालक मौके से फरार मिला। उसका मोबाइल फोन भी बंद बताया जा रहा है, जिससे संदेह और गहरा गया है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
राममंदिर क्षेत्र से हिरासत में लिए गए युवक के परिजनों ने स्थानीय थाने में जानकारी दी है। हालांकि नशे की दवाओं की तस्करी से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस फिलहाल आधिकारिक बयान देने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क और इसके सरगना तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।













