वाराणसी। वाराणसी पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है। फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नकली शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले इस गिरोह के मुख्य सरगना समेत कुल 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज, नकदी और लग्जरी वाहन बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा के निर्देशन में चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
सोशल मीडिया विज्ञापनों से फंसाते थे लोग
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी META (फेसबुक, इंस्टाग्राम) और गूगल जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नामी कंपनियों के नाम से फर्जी विज्ञापन चलाते थे। इन विज्ञापनों के माध्यम से आम लोगों की निजी जानकारी हासिल की जाती थी।
इसके बाद पीड़ितों को कॉल कर खुद को शेयर ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते हुए कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच दिया जाता था। विश्वास जीतने के बाद पीड़ितों से उनके डीमैट अकाउंट की लॉगिन आईडी और पासवर्ड ले लिए जाते थे। इसके बाद ब्रोकरेज और ट्रेडिंग के नाम पर फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता था।
म्यूल खातों में ट्रांसफर होती थी रकम
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि डीमैट अकाउंट पर पूरा नियंत्रण मिलने के बाद आरोपी उसमें मौजूद धनराशि को फर्जी म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे और फिर नकद निकाल लिया जाता था। इस पूरे नेटवर्क को बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
23 से 25 वर्ष के युवक थे गिरोह के सदस्य
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी 23 से 25 वर्ष आयु वर्ग के हैं और उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी इनका संबंध है। गिरोह का संचालन एक सरगना द्वारा किया जा रहा था, जो पूरे नेटवर्क को निर्देश देता था।
भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से—
- 20 मोबाइल फोन (05 iOS, 14 एंड्रॉयड, 01 कीपैड)
- 07 सिम कार्ड
- 30 एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड
- 03 लैपटॉप
- महिंद्रा थार वाहन – 02 (अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये)
- पीली धातु 24 ग्राम (लगभग 3.5 लाख रुपये)
- नकद 4,88,920 रुपये
इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, चेकबुक और पासबुक सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट वाराणसी में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4), 61(2), 317(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की कुल रकम की जांच में जुटी है।
पुलिस टीम को मिला श्रेय
इस सफल कार्रवाई का श्रेय डीसीपी अपराध सरवणन टी, एडीसीपी साइबर क्राइम नीतू कात्यायन और सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना के नेतृत्व वाली टीम को दिया गया है। अभियान में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम गोपाल जी कुशवाहा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि साइबर ठगी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और आमजन को ठगने वाले अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













