लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने ट्रक लोन और इंश्योरेंस फ्रॉड के एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग ट्रकों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और उन्हीं वाहनों पर दोबारा बैंक लोन व इंश्योरेंस कराकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहा था।
शुक्रवार को STF ने सुलतानपुर बायपास रोड स्थित एक गैराज पर छापा मारकर आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा। मौके से चार फर्जी रजिस्ट्रेशन वाले ट्रक, एक छोटा हाथी (मिनी ट्रक) सहित कुल पांच वाहन, तीन मोबाइल फोन, एक SBI एटीएम कार्ड और 4120 रुपये नकद बरामद किए गए।
ऐसे चलता था ठगी का खेल
जांच में सामने आया कि गिरोह पहले डिफॉल्टेड लोन वाले ट्रक बेहद कम कीमत पर खरीदता था। इसके बाद इंजन और चेसिस नंबर में हेराफेरी कर नए फर्जी कागजात तैयार किए जाते। फिर उन्हीं ट्रकों पर दोबारा बैंक से लोन और इंश्योरेंस कंपनियों से कवरेज लिया जाता। कुछ समय बाद EMI डिफॉल्ट दिखाकर वाहन चोरी की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई जाती, जिससे बैंक और इंश्योरेंस कंपनियों को भारी नुकसान होता था।
मामला दर्ज, नेटवर्क की तलाश तेज
इस संबंध में थाना कोतवाली देहात, सुलतानपुर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। STF अब गिरोह के अन्य सदस्यों, फाइनेंसरों, दलालों और संभावित बैंक/आरटीओ कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
STF अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई वाहन फ्रॉड और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही विशेष मुहिम का हिस्सा है। हाल के महीनों में दिल्ली, नोएडा समेत कई इलाकों में ऐसे ही गैंग पकड़े जा चुके हैं, जो इस अपराध के व्यापक नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।









