चंदौली। जिले में राजस्व और न्यायिक कार्यों को लेकर शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर एवं राजस्व संग्रह की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने पीडीडीयू नगर तहसील के तहसीलदार और नायब तहसीलदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि न्यायिक वादों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही की जा रही है, जिसके चलते कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि न्यायिक कार्यों में सुस्ती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी।
बैठक में मंडी शुल्क, परिवहन, आबकारी, खनन और स्टाम्प राजस्व की स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। मंडी शुल्क की अपेक्षाकृत कम वसूली पर जिलाधिकारी ने मंडी विभाग को कड़ी फटकार लगाई और राजस्व लक्ष्य हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने, अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने और राजस्व रिसाव रोकने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन लाभार्थियों द्वारा कार्य शुरू नहीं किया गया है, उनसे नियमानुसार वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी एसडीएम को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और डाटा फीडिंग की नियमित निगरानी करने को कहा गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, एडीएम न्यायिक रतन वर्मा, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जिले के विकास और प्रशासनिक विश्वसनीयता के लिए जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।









