लखनऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (2 अक्टूबर के शहीद दिवस पर भी स्मरण) के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के जीपीओ पार्क में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें शत-शत नमन किया। श्रद्धा और सम्मान से भरे इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया और कुछ क्षण मौन रहकर उन्हें स्मरण किया।
कार्यक्रम का आरंभ स्कूलों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत भजनों और गानों से हुआ। बच्चों ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजाराम’ के साथ-साथ अन्य भजनों की मधुर प्रस्तुति दी, जिससे पूरा जीपीओ पार्क भक्ति और श्रद्धा की धुनों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 15 मिनट तक बच्चों की प्रस्तुति का ध्यानपूर्वक आनंद लिया और उनकी प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने सभी बच्चों के साथ स्मृति चित्र खिंचवाए और गांधी जी के आदर्शों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा:
“‘राष्ट्रपिता’ महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन। श्रद्धेय बापू का सत्यनिष्ठ आचरण, अहिंसा की उनकी अडिग साधना और मानवता के प्रति अनन्य करुणा, संपूर्ण विश्व को सदैव आलोकित करती रहेगी। आइए, बापू के आदर्शों को आत्मसात कर समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान दें।”
सीएम योगी ने आमजन से आग्रह किया कि वे गांधी जी के सत्य, अहिंसा और मानवता के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि बापू का जीवन और उनके विचार आज भी विश्व शांति और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा स्रोत हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था – सत्य, अहिंसा और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना। नई पीढ़ी ने भी बापू के आदर्शों से जुड़कर उन्हें याद किया और यह सुनिश्चित किया कि महात्मा गांधी के विचार समाज के हर वर्ग तक पहुँचें।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने न केवल गांधी जी के योगदान को याद किया, बल्कि युवाओं में सकारात्मक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी को भी मजबूत किया।













