वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के अंतर्गत आने वाला लोहता थाना इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। जहां एक ओर अन्य थानों में लगातार आपराधिक घटनाओं का खुलासा कर पुलिस अधिकारी सराहना बटोर रहे हैं, वहीं लोहता थाना क्षेत्र में बीते छह महीनों में एक भी उल्लेखनीय ‘गुड वर्क’ सामने न आने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय सूत्रों और लोगों का आरोप है कि थाना क्षेत्र में चोरी, बाइक चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं के मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कई मामलों का अब तक खुलासा नहीं होने से पुलिस की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि थाना स्तर पर जनता से संवाद और समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है, जिससे फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ता है।
कुछ घटनाओं के दौरान थाना प्रभारी के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठे हैं। बताया जाता है कि एक चक्का जाम के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। ऐसे मामलों में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति संभल सकी।
हालांकि, रोहनिया सर्किल के एसीपी संजीव कुमार शर्मा द्वारा कई मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाधान निकालने की बात भी सामने आई है, जिससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि इसी तरह की सक्रियता थाना स्तर पर भी दिखाई दे, तो हालात बेहतर हो सकते हैं।
लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि लोहता थाने में तैनाती और कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मियों के स्थानांतरण और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण की आवश्यकता बताई जा रही है।
स्थानीय जनता का कहना है कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा और भरोसा कायम करना होता है। ऐसे में यदि थाना स्तर पर ही लोगों को संतोषजनक प्रतिक्रिया न मिले, तो विश्वास कमजोर पड़ता है। लोगों ने उच्च अधिकारियों से अपेक्षा जताई है कि वे मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएं, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और जनता का विश्वास दोनों मजबूत हो सकें।













